माँ शारदे स्तुति।
शारदे स्तुति
जय ज्ञान स्वरूपा, जय शब्द रूपा,
जय संगीत दायनी, कण्ठ विराजनी,
जय जय माँ जय वीणापाणी ।।
जय स्वेतवस़्त्रा, पाणीस्त्रा,
जय पदमासनी, कमल विराजनी,
जय जय माँ जय वीणापाणी ।।
बिन त्वं प्राणी, निर्बुद्व जानी,
जय हंस वाहिनी, स्फटीक धारणी,
जय जय माँ जय वीणापाणी ।।
जगत गाता, त्वं ज्ञान दाता ,
जय ब्रह्मस्वरूपा , रूपाब्रह्मणी ,
जय जय माँ जय वीणापाणी ।।
त्वं ही भाषा त्वं वाणी ,
त्वं ही विधात्री,जगत कल्याणी
जय जय माँ जय वीणापाणी ।।
वागीश्वरी त्वं , इला , वाक् , गीरा ,
शारदा त्वं ही जय वीणावादिनी ,
जय जय माँ जय वीणापाणी ।।
जय ब्रह्मसुता , पंचमी पुजा ,
तम् हरो त्वं , रश्मिदाता ,
कर दो जोडे 'मदन' गाता ,
निर्बुद्व हरो , हे ! विधादायनी ,
जय जय माँ जय वीणापाणी ।।
■मदन सिंह सिन्दल #कनक
Nice hkm
जवाब देंहटाएंThanks भाणु
हटाएंआप को तो रोज रोज लोटरी लग री है होकम
जवाब देंहटाएंयह तो मेरा ही ब्लॉग हैं।
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