समय प्रबन्धन time management
●समय प्रबंधन●
●समय प्रबंधन क्या?
प्रत्येक व्यक्ति के पास किसी भी कार्य को करने के लिए समय निश्चित व समान होता है। उस निश्चित समय में जो व्यक्ति कुशलता पूर्वक अपने कार्य को निष्पादित कर देता है तो उसे समय प्रबंधन के श्रेणी में ले सकते हैं अर्थात् किसी भी कार्य को कुशलता पूर्वक, अधिक उत्पादकता, श्रेष्ठ परिणाम के साथ पूर्ण करना ही समय प्रबंधन है। कम समय में अधिकतम कार्य को पूर्ण करना और उसका श्रेष्ठ परिणाम लेना ही समय प्रबंधन है और आज इस दौर में इसके महत्ती आवश्यकता है।
● समय प्रबंधन का महत्व व आवश्यकता क्यों?
कोई भी कार्य समय पर सही तरीके से करते हैं तो वह फलदायक अधिक होता है। सीमित समय में अधिकतम कार्य को सुचारू रूप से श्रेष्ठ परिणामों के साथ संपन्न करने हेतु समय प्रबंधन की ज्यादा जरूरत है। इस समय प्रबंधन के कई महत्व हैं-
● अधिक उत्पादकता- यदि कोई कार्य समय पर सुयोजना व समय प्रबंधन का ध्यान रखकर किया जाए तो वह अधिक उत्पादकता दायक होता है।
●तनाव से मुक्ति- हम कार्य को समय प्रबंधन व कार्य कुशलता पूर्वक संपन्न करते हैं तो वह व्यक्ति को पूर्ण संतुष्टि प्रदान करता है क्योंकि वह अधिक फलदायक होता है और समय पर ही पूर्ण हो जाता है व तनाव से मुक्ति देता है।
●गुणवत्ता में वृद्धि- समय प्रबंधन व सुयोजना के साथ किए गए कार्य हमेशा अधिक गुणवत्ता दायक होता है। उसका परिणाम श्रेष्ठ होता है और पूर्ण योजना से कार्य करने पर कार्य करने वाले की गुणवत्ता में वृद्धि होती हैं।
●लक्ष्य प्राप्ति- कुशलता पूर्वक व पूर्ण योजना बनाकर किया गया कार्य हमेशा अपने लक्ष्य को भेदता है। समय के अनुरूप कार्य को सुयोजना में बांटकर करने से सदैव लक्ष्य प्रदाता होता है।
●प्रेरणादायक परिणाम- किसी भी कार्य को निर्धारित समय योजना के अनुरोध करने से कार्य समय पर पूर्ण होता है वह किसी भी व्यक्ति को प्रेरणा प्रदान करता है कि समय प्रबंधन कार्य को सही समय पर संपन्न करने हेतु आवश्यक व महत्वपूर्ण है।
● समय प्रबंधन कैसे करे?
प्रत्येक व्यक्ति के पास 24 घंटे निर्धारित हैं। उस में उसको आराम,काम करना होता है और अधिकतम, श्रेष्ठ परिणाम गुणवत्तापूर्वक कार्य करना होता है।इस हेतु उसे अपने दैनिक योजना को बनाना होता है।जैसे-
● कार्य का निर्धारण- जो कार्य अति महत्वपूर्ण व फल दायक हो उसे प्राथमिकता दें। प्रथम प्रयास उस कार्य को करें। उसी प्रकार कार्य के महत्व व उसके समय को देखते हुए दैनिक योजना को बनाना चाहिए।
●सदैव अपने कार्य को प्राथमिकता प्रदान करें जो महत्वपूर्ण हैं। अनावश्यक व दिखावे का कार्य करके उस कार्य व अपनी योग्यता,अपनी उपयोगिता को कम नहीं करना चाहिए।
● जो दैनिक योजना यानी समय प्रबंधन कर रखा है उसके अनुसार अपने कार्य,कुशलता पूर्वक हो रहे हैं या नहीं, उसकी जांच भी करते रहे।
● दैनिक योजना बनाते समय अपने कार्यों के बीच उचित आराम की समय सीमा निश्चित होनी चाहिए। जिससे ऊर्जा का संचार होता रहे।
● किसी भी कार्य को कुशलता पूर्वक करने के लिए शरीर का स्वस्थ होना आवश्यक है। अतः भोजन भी स्वास्थ्य प्रदक लें। साथ ही कार्य में एकाग्रता का बहुत महत्व होता है।अतः नियमित ध्यान करें तो उत्तम होगा।
● अनुत्पादक, अनावश्यक कार्य करके समय बर्बाद नहीं करें।
● आलस्य को निकट नहीं आने दे, यह सफलता का शत्रु होता है।
अतः समय प्रबंधन सभी वर्ग के लिए अति महत्वपूर्ण है फिर चाहे आप छात्र हो,ग्रहणी हो, कारोबारी व्यक्ति हो या सेवा प्रदाता हो। यदि आप समय के आदर के साथ कार्य को संपन्न करते हैं तो समय आपको उन्नति व कार्य पूर्णता का अभय प्रदान करता है। अपने निर्धारित लक्ष्य को श्रेष्ठता के साथ पूर्ण करने में सफल रहते हैं अतः कहा भी दिया है “समय कहता है कि यदि तुम मुझे बर्बाद करोगे तो मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगा”।
कलम से—
मदन सिंह सिन्दल “कनक”
अध्यापक(कवि,लेखक)
सादडी,पाली,राजस्थान।
दूरभाष-8094349248
●समय प्रबंधन क्या?
प्रत्येक व्यक्ति के पास किसी भी कार्य को करने के लिए समय निश्चित व समान होता है। उस निश्चित समय में जो व्यक्ति कुशलता पूर्वक अपने कार्य को निष्पादित कर देता है तो उसे समय प्रबंधन के श्रेणी में ले सकते हैं अर्थात् किसी भी कार्य को कुशलता पूर्वक, अधिक उत्पादकता, श्रेष्ठ परिणाम के साथ पूर्ण करना ही समय प्रबंधन है। कम समय में अधिकतम कार्य को पूर्ण करना और उसका श्रेष्ठ परिणाम लेना ही समय प्रबंधन है और आज इस दौर में इसके महत्ती आवश्यकता है।
● समय प्रबंधन का महत्व व आवश्यकता क्यों?
कोई भी कार्य समय पर सही तरीके से करते हैं तो वह फलदायक अधिक होता है। सीमित समय में अधिकतम कार्य को सुचारू रूप से श्रेष्ठ परिणामों के साथ संपन्न करने हेतु समय प्रबंधन की ज्यादा जरूरत है। इस समय प्रबंधन के कई महत्व हैं-
● अधिक उत्पादकता- यदि कोई कार्य समय पर सुयोजना व समय प्रबंधन का ध्यान रखकर किया जाए तो वह अधिक उत्पादकता दायक होता है।
●तनाव से मुक्ति- हम कार्य को समय प्रबंधन व कार्य कुशलता पूर्वक संपन्न करते हैं तो वह व्यक्ति को पूर्ण संतुष्टि प्रदान करता है क्योंकि वह अधिक फलदायक होता है और समय पर ही पूर्ण हो जाता है व तनाव से मुक्ति देता है।
●गुणवत्ता में वृद्धि- समय प्रबंधन व सुयोजना के साथ किए गए कार्य हमेशा अधिक गुणवत्ता दायक होता है। उसका परिणाम श्रेष्ठ होता है और पूर्ण योजना से कार्य करने पर कार्य करने वाले की गुणवत्ता में वृद्धि होती हैं।
●लक्ष्य प्राप्ति- कुशलता पूर्वक व पूर्ण योजना बनाकर किया गया कार्य हमेशा अपने लक्ष्य को भेदता है। समय के अनुरूप कार्य को सुयोजना में बांटकर करने से सदैव लक्ष्य प्रदाता होता है।
●प्रेरणादायक परिणाम- किसी भी कार्य को निर्धारित समय योजना के अनुरोध करने से कार्य समय पर पूर्ण होता है वह किसी भी व्यक्ति को प्रेरणा प्रदान करता है कि समय प्रबंधन कार्य को सही समय पर संपन्न करने हेतु आवश्यक व महत्वपूर्ण है।
● समय प्रबंधन कैसे करे?
प्रत्येक व्यक्ति के पास 24 घंटे निर्धारित हैं। उस में उसको आराम,काम करना होता है और अधिकतम, श्रेष्ठ परिणाम गुणवत्तापूर्वक कार्य करना होता है।इस हेतु उसे अपने दैनिक योजना को बनाना होता है।जैसे-
● कार्य का निर्धारण- जो कार्य अति महत्वपूर्ण व फल दायक हो उसे प्राथमिकता दें। प्रथम प्रयास उस कार्य को करें। उसी प्रकार कार्य के महत्व व उसके समय को देखते हुए दैनिक योजना को बनाना चाहिए।
●सदैव अपने कार्य को प्राथमिकता प्रदान करें जो महत्वपूर्ण हैं। अनावश्यक व दिखावे का कार्य करके उस कार्य व अपनी योग्यता,अपनी उपयोगिता को कम नहीं करना चाहिए।
● जो दैनिक योजना यानी समय प्रबंधन कर रखा है उसके अनुसार अपने कार्य,कुशलता पूर्वक हो रहे हैं या नहीं, उसकी जांच भी करते रहे।
● दैनिक योजना बनाते समय अपने कार्यों के बीच उचित आराम की समय सीमा निश्चित होनी चाहिए। जिससे ऊर्जा का संचार होता रहे।
● किसी भी कार्य को कुशलता पूर्वक करने के लिए शरीर का स्वस्थ होना आवश्यक है। अतः भोजन भी स्वास्थ्य प्रदक लें। साथ ही कार्य में एकाग्रता का बहुत महत्व होता है।अतः नियमित ध्यान करें तो उत्तम होगा।
● अनुत्पादक, अनावश्यक कार्य करके समय बर्बाद नहीं करें।
● आलस्य को निकट नहीं आने दे, यह सफलता का शत्रु होता है।
अतः समय प्रबंधन सभी वर्ग के लिए अति महत्वपूर्ण है फिर चाहे आप छात्र हो,ग्रहणी हो, कारोबारी व्यक्ति हो या सेवा प्रदाता हो। यदि आप समय के आदर के साथ कार्य को संपन्न करते हैं तो समय आपको उन्नति व कार्य पूर्णता का अभय प्रदान करता है। अपने निर्धारित लक्ष्य को श्रेष्ठता के साथ पूर्ण करने में सफल रहते हैं अतः कहा भी दिया है “समय कहता है कि यदि तुम मुझे बर्बाद करोगे तो मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगा”।
कलम से—
मदन सिंह सिन्दल “कनक”
अध्यापक(कवि,लेखक)
सादडी,पाली,राजस्थान।
दूरभाष-8094349248
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