गितिका छन्द
छंद-गीतिका
आधार छंद-वाचिक स्त्रग्विणी
मापनी-गालगा गालगा गालगा गालगा
समांत-आया
पदांत-तुम्हारे लिये
********************
गीतिका
प्रतिक्षा को दिखाया तुम्हारे लिये,
जो दिखा वो सुनाया तुम्हारे लिये।
आप की प्रतिक्षा हैं परावैभवी,
देखते ही सजाया तुम्हारे लिये।।1।।
आश हैं खाश लाया तुम्हारे लिये,
जो कहा वो कमाया तुम्हारे लिये।
जै परावैभवी जै दीनानाथ की,
हाथ का दीप लाया तुम्हारे लिये।।2।।
रचनाकार
मदन सिंह सिन्दल “कनक “
अध्यापक
आधार छंद-वाचिक स्त्रग्विणी
मापनी-गालगा गालगा गालगा गालगा
समांत-आया
पदांत-तुम्हारे लिये
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गीतिका
प्रतिक्षा को दिखाया तुम्हारे लिये,
जो दिखा वो सुनाया तुम्हारे लिये।
आप की प्रतिक्षा हैं परावैभवी,
देखते ही सजाया तुम्हारे लिये।।1।।
आश हैं खाश लाया तुम्हारे लिये,
जो कहा वो कमाया तुम्हारे लिये।
जै परावैभवी जै दीनानाथ की,
हाथ का दीप लाया तुम्हारे लिये।।2।।
रचनाकार
मदन सिंह सिन्दल “कनक “
अध्यापक
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