नारी महान हैं।
देश की सभी जन्मदात्री,रक्षाकरणी जगदंबा स्वरुपी माँ को समर्पित
नारी महान हैं।
देख देश को संकटो में, युद्ध में कुदी मर्दानी ही
वह भी इस भारत भूमी की ही एक नारी ही-
नारी ही तो हर शक्ति का अवतार हैं-
तभी तो इनके बलिदान के आगे झुकता संसार है।
याद करो पन्ना धाई को पुत्र चंदन को बली चढाया,
अपने महान बलिदान से मेवाड का गौरव बचाया,
नारी तुम महान हो भी तो तेरे चरण में झुकता स्वयं भगवान है।
याद करो हाडी रानी को रण में पति ने निशानी मंगायी
स्वयं का शीश काटकर रण में निशानी भिजवाई
याद करो राणी पद्मनी को, उस पर सुल्तान का जी ललचाया,
संगीनियों सह जौहर करके चित्तोड़ का नाक बचाया,
नारी तुम महान हो तभी तो तेरे चरण में झुकता स्वयं भगवान हैं।
कमान से निकला तीर लक्ष्म भेद देता हैं,
नारी तेरा एक शब्द विप्लव ला देता है,
नर जब गरजा हैं तो क्रांती ला देता है पर ,
नारी जब गरजती हैं तो इतिहास बदल जाता है.
नारी शक्ति है, नारी भक्ति है, जगदंबा का अवतार है।
तभी तो तेरे चरण में झुकता दातार है,
तभी ती तेरे चरण में झुकता स्वयं भगवान हैं।।
रचनाकार
मदन सिंह सिन्दल “कनक”
अध्यापक(कवि,लेखक)
जेतारण,कुम्भलगढ़ जिला-राजसमन्द,राजस्थान।
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