*शौर्य गीत*
*शौर्य गीत*
हर,हर बम,बम,रण बांकुरे हम,
चीर विजय की राह में,बढ रहे है यह कदम।।हर,हर..,,,,
महान राज धर्म की,परम्परा महान है,
युगों-युगों से देश की,यह दिव्य आन बान हैं,
युद्ध हो या शान्ति हो,धर्म की भी क्रांति हो,
विश्व जानता यह,हम नही किसी कम।। हर,हर,,,,,,,
काल चक्र वक्र हैं,कृपाण क्यूँ सुसुप्त हो,
दिशा-दिशा त्राण हैं, हंस भी सतर्क हो,
माँ ने पुकारा है,रह न जाये कोई गम,
युग के प्रवाह को,मोड़ कर ही लेंगे दम।।हर,हर,,,,
मूंछ पर तान हैं,हर शस्त्र ज्ञान हैं,
कदम-कदम सधा हुआ,तेज हैं तुफान हैं,
आँख-आँख ज्वाल हैं,भुज बल भूचाल हैं,
देश विश्व के सुनों, हें वीर जवान हम।। हर,हर,,,,,,
शिवा की आन हम,राणा की तान हम,सांगा का दृढ़ हम,दुर्गा का प्रण हम,
मातृभूमि आन हो,मान हो या शान,
कण-कण के लिए, आत्मबलिदान हम।।
हर,हर,बम,बम,रण बांकुरे हम।।
✒मदन सिंह सिंदल *"कनक"*
हर,हर बम,बम,रण बांकुरे हम,
चीर विजय की राह में,बढ रहे है यह कदम।।हर,हर..,,,,
महान राज धर्म की,परम्परा महान है,
युगों-युगों से देश की,यह दिव्य आन बान हैं,
युद्ध हो या शान्ति हो,धर्म की भी क्रांति हो,
विश्व जानता यह,हम नही किसी कम।। हर,हर,,,,,,,
काल चक्र वक्र हैं,कृपाण क्यूँ सुसुप्त हो,
दिशा-दिशा त्राण हैं, हंस भी सतर्क हो,
माँ ने पुकारा है,रह न जाये कोई गम,
युग के प्रवाह को,मोड़ कर ही लेंगे दम।।हर,हर,,,,
मूंछ पर तान हैं,हर शस्त्र ज्ञान हैं,
कदम-कदम सधा हुआ,तेज हैं तुफान हैं,
आँख-आँख ज्वाल हैं,भुज बल भूचाल हैं,
देश विश्व के सुनों, हें वीर जवान हम।। हर,हर,,,,,,
शिवा की आन हम,राणा की तान हम,सांगा का दृढ़ हम,दुर्गा का प्रण हम,
मातृभूमि आन हो,मान हो या शान,
कण-कण के लिए, आत्मबलिदान हम।।
हर,हर,बम,बम,रण बांकुरे हम।।
✒मदन सिंह सिंदल *"कनक"*
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